VIDEO: चार हज़ार फिट की ऊँचाई पर बनी इस गणेश की मूर्ती का र’ह’स्य अब पता चला

मुर्तियां तो कई होती है जिसके हिन्दू धर्म में पुजा की जाती है। हिन्दू धर्म में मूर्ती पूजा की जाती है और मूर्तियों का सम्मान और आदर किया जाता है। भगवान् को मूर्त रूप दिया जाता है और फिर इसके बाद बड़े ही आदर के साथ उनकी पूजा की जाती है। लेकिन आज हम कोई आम मुर्ती की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि गणेश की 1000 साल पुरानी मुर्ति की जो कि 13,000 फीट की उंचाई पर है।

आपको बता दें कि बैलाडीला की पहाड़ी श्रंखला पर ढोलकल के नाम से चर्चित पर्वत शिखर में 10-11 वी शताब्दी की दुर्लभ गणेश की मुर्ति है। दर असल ‌कोई नहीं जानता आखिर ये मंदिर किस ने और कब बनाई। लेकिन लोगों का ऐसा मानना है कि नागवंशी राजाओं ने इस मुर्ति को बनवाया है। वहीँ ये गणेश की प्रतिमा समुद्र तल से लगभग 2592 फीट ऊंचे जगह पर स्थापित है।ये गणेश की मुर्ति 6फीट ऊंची और 21 फीट चौड़ी है। जो कि ग्रेनाइट से बना हुई है। दर असल ऐसा मान्यता है कि परशु राम और गणेश की बीच इसी शिखर पर हुआ था। इसके अलावा युद्ध में गणेश का एक दांत गया। इस लिए इस मुरति को बनाया गया था। हालां कि 2017 मे इस मुरति पर ह’म’ला कर गिरा दिया था। इसके पीछे बताया जाता है कि न’क्स’ली है।

यह मुर्तियां बेहद पुरानी थी लेकिन अब नहीं रहा ये मुर्ति ग्रेनाइट से बनी हुई थी। ये प्रतिमा गणेश और परशुराम की लड़ाई की यादगार की है। परशुराम के बरसे से गणेश का दांत टुटा था। इस लिए पहाड़ी की शिखर के नीचे का गांव फरसवाल रखा गया है। ये मृति लग भग 1000 साल पुरानी थी। हालां कि जिसे साल 2017 में न’क्स’ली’यो ने गिरा दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Singapore